SULEKH - 01 | Newsletter by WhatYouRemind.in

सुलेख एक डिजिटल पत्रिका है, WhatYouRemind की तरफ से | जो हर हफ्ते आपको इनबॉक्स में बिलकुल फ्री में मिलेगा |

प्रिय पाठक 

यदि आप यहाँ पर आये है , तो आप हमारे डिजिटल पत्रिका "सुलेख" का भाग- 1 पढ़ रहे है | यह एक डिजिटल, free ऑनलाइन पत्रिका है, जिसे whatyouremind ब्लॉग वेबसाइट एक subdomain - newsletter.whatyouremind.inऔर "whatyouremind lite" एंड्राइड एप्प पर पब्लिश किया जायेगा | 

सुलेख पत्रिका का उद्देश्य क्या है? 

भारत में इंटरनेट के इस्तेमाल में तेज़ी आई है | यह तेज़ी के कई कारण है | जैसे की 4G का भारत के हर एक क्षेत्र में पहुंचना | Statista के इंटरनेट पर आधारित रिपोर्ट की माने तो भारत में 761 मिलियन लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते है | इससे एक बात तो साफ़ है कि लोग इंटरनेट पर आने के साथ इंटरनेट से जुड़ी ढेरों अन्य सर्विस का भी इस्तेमाल कर रहे है | 

उदाहरण के तौर पर ऑनलाइन  पेमेंट को ही ले लेते है | भारत में डिजिटल करेंसी को नोटबॅंधी के बाद विस्तार मिला है | आज बड़े आईटी कंपनियों के साथ कई बड़े कैपिटल वाले इन्वेस्टरों की नज़र भी भारत के बाज़ार पर है | 

आज भारत में ऑनलाइन पेमेंट के लिए भारत सर्कार का खुद का पेमेंट सिस्टम  UPI है | साथ में कई अन्य प्लेयर जैसे Paytm, PhonePe, GooglePay, Amazon Pay और Instamojo भी पर्सनल और बिज़नेस पेमेंट के लिए चलन में लाये जा रहे है |   

लेकिन लोगों को इसके बारे में सही के जानकारी नहीं है | वे ये नहीं जानते की पेमेंट करने पर उनके डाटा के साथ क्या होगा?

ऐसा पेमेंट मात्र सर्विस में ही नहीं है | भारत के लोगों ख़ास कर नयी युवा पीढ़ी इंटरनेट की जानकारी को रखती है | पर उसे कैसे इस्तेमाल किया जाये, मार्किट में कोनसी सर्विस की क्या अहमियत है, डाटा के प्रति क्या कानून है, इस तरह के ढेरों सवाल का जवाब नहीं जानती | 

इन इंटरनेट और इंटरनेट सर्विस के सुविधा के प्रति जागरूकता को बढ़ाना ही सुलेख का एक मात्र उदेश्य है | 

डिजिटल पत्रिका "सुलेख" के लेखक कौन है?

डिजिटल पत्रिका "सुलेख" के लेखक का नाम "कुमार गौरव सिंह" है | Whatyouremind ब्लॉग वेबसाइट को भी इन्होंने ही शुरू किया है | 

इनकी तरफ से कुछ शब्द:

सुलेख को शुरुआत करने के पीछे एक सोच ये है की हिंदी में मौजूद कंटेंट को सही तरीके से पाठकों के सामने नहीं लाया जाता | जो ब्लॉगर हिंदी में कंटेंट लिखते है, उनके कंटेंट में अंग्रेज़ी के अनगिनत शब्द मिलते है | ऐसे में ये प्रतीत होता है मानो कंटेंट के पाठकों के लिए नहीं, सर्च इंजन में रैंक कराने के लिए लिखा गया हो | यह हम जैसे ब्लॉगर के लिए असफलता है | पर हिंदी भाषा को फिर से समृद्ध बनाने के प्रयास में हम पीछे नहीं हटेंगे | सुलेख के माध्यम से हम उच्च गुणवक्ता का कंटेंट हिंदी पाठकों के लिए लाये है, और हम निरंतर इसे और अच्छा बनाने के प्रयास करते रहेंगे | 

यदि आप इनसे सोशल मीडिया पर जुड़ना चाहते है तो सोशल मीडिया प्रोफाइल के लिंक निचे दिए गए है | आप अपने सुझाव भी दे सकते है |

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